हरिद्वार।हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) इन दिनों अपने सुव्यवस्थित और विकासोन्मुख दृष्टिकोण के चलते चर्चा के केंद्र में है। प्राधिकरण के सचिव प्रत्यूष सिंह के नेतृत्व में हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र के समग्र विकास, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण तथा प्रशासनिक पारदर्शिता को एक नई गति मिली है। आम जनमानस से लेकर स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग तक उनकी त्वरित कार्यप्रणाली और कर्तव्यनिष्ठा की मुक्तकंठ से प्रशंसा कर रहा है।
सचिव प्रत्यूष सिंह ने पदभार संभालने के बाद से ही शहर को सुनियोजित रूप देने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। एक ओर जहां उन्होंने अवैध निर्माणों और अनियोजित कॉलोनियों पर सख्त रुख अपनाते हुए नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराया, वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों के मानचित्र स्वीकृति (नक्शा पास) और अन्य आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया को बेहद सुगम और पारदर्शी बनाया है। कार्यालय के कार्यों में अनावश्यक देरी को समाप्त कर उन्होंने कार्यसंस्कृति में उल्लेखनीय सुधार किया है।
प्रत्यूष सिंह की पहचान एक ऐसे संवेदनशील और सक्रिय अधिकारी के रूप में बनी है, जो आम जनता की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनते हैं और मौके पर ही निस्तारण का निर्देश देते हैं। जनहित से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारने और धार्मिक नगरी हरिद्वार के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक नागरिक सुविधाएं विकसित करने में उनकी भूमिका बेहद प्रभावी साबित हो रही है।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि एचआरडीए सचिव की कर्तव्यपरायणता और सकारात्मक सोच ने विभाग की कार्यशैली को नई ऊर्जा दी है। शहर के सौंदर्यीकरण और विकास को सही दिशा देने में उनका यह प्रयास निसंदेह सराहनीय है, जिससे पूरे क्षेत्र में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की छवि एक सक्रिय और जनहितैषी संस्थान के रूप में मजबूत हुई है।




