भारतीय शिक्षा बोर्ड (बीएसबी) की द्वितीय राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता 2026-27 की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रतियोगिता में बीएसबी से मान्यता प्राप्त देशभर के 250 से अधिक विद्यालयों के खिलाड़ी विभिन्न खेलों में प्रतिभाग करेंगे। इस बार प्रतियोगिता की खास बात यह है कि पहली बार शतरंज को राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में शामिल किया गया है। साथ ही अंडर-14 आयु वर्ग को भी पहली बार मौका दिया गया है।
प्रतियोगिता की तैयारियों को लेकर भारतीय शिक्षा बोर्ड मुख्यालय हरिद्वार में विभिन्न खेलों के समन्वयकों और पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता बीएसबी के राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर स्वामी पुण्यदेव ने की। इसमें खेलों के आयोजन, खिलाड़ियों की भागीदारी, आयोजन स्थलों की तैयारियों और प्रतियोगिताओं को सुचारु रूप से संपन्न कराने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
तीन आयु वर्गों में होगी शतरंज प्रतियोगिता
इस वर्ष शतरंज प्रतियोगिता अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग में बालक एवं बालिका दोनों वर्गों में आयोजित की जाएगी। पिछले वर्ष राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में केवल अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग शामिल थे। बोर्ड का उद्देश्य विद्यार्थियों के खेल कौशल के साथ उनके सर्वांगीण एवं बहुआयामी व्यक्तित्व का विकास करना है।
बोर्ड की ओर से भविष्य में श्रीमद्भगवद्गीता स्मरण, निबंध, सामान्य ज्ञान, चित्रकला और भाषण सहित विभिन्न शैक्षिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं भी देशभर में आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है।
छह चरणों में होंगी प्रतियोगिताएं
राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में किया जाएगा। 14-15 सितंबर को आचार्यकुलम्, हरिद्वार में कबड्डी, बैडमिंटन, फुटबॉल, बास्केटबॉल और रेसलिंग से प्रतियोगिताओं की शुरुआत होगी। इसके बाद 19-20 सितंबर को कैम्ब्रिज इंटरनेशनल स्कूल, वाराणसी में एथलेटिक्स और 26-27 सितंबर को ब्लू बेल स्कूल, प्रयागराज में योग प्रतियोगिता होगी।
3-4 अक्टूबर को सनराइज पब्लिक स्कूल, बुलंदशहर में वॉलीबॉल एवं हैंडबॉल और 10-11 अक्टूबर को एसआर कैपिटल पब्लिक स्कूल, दिल्ली में शतरंज प्रतियोगिता होगी। वहीं 24-25 अक्टूबर को बीएस इंटरनेशनल स्कूल, हापुड़ में खो-खो के साथ राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का समापन होगा।
बैठक में सत्येंद्र सिंह, वंदना, कुसुम रावत, स्वाती यादव, संजीव, अमित दानी समेत खेल समन्वयक टीम के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। पदाधिकारियों ने प्रतियोगिताओं में अधिक से अधिक संबद्ध विद्यालयों के विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही तैयारियों की निरंतर समीक्षा करने का निर्णय लिया गया।




