उत्तराखंडऋषिकेशगढ़वाल मण्डलहरिद्वार

स्वामी आनंद स्वरूप महाराज को क्यों चुने रानीपुर विधानसभा की जनता?

हरिद्वार जिले की रानीपुर विधानसभा सीट औद्योगिक प्रगति, घनी आबादी और सांस्कृतिक विरासत का एक अहम संगम है। इस क्षेत्र के समग्र विकास, पारदर्शी व्यवस्था और स्थानीय जनसमस्याओं के स्थायी समाधान के लिए काली सेना के परमाध्यक्ष एवं शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज का नेतृत्व एक सशक्त विकल्प के रूप में सामने है। जब हमने उनसे सवाल किया कि क्यों जनता उन्हें चुने तो उन्होंने कहा –

* निस्वार्थ और सेवा-समर्पित भाव: एक संन्यासी के रूप में उनका कोई निजी स्वार्थ, पारिवारिक लाभ या व्यावसायिक हित नहीं है। उनका एकमात्र ध्येय राजनीति को सत्ता के बजाय समाज सेवा का सशक्त माध्यम बनाना है।

* स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और सिडकुल में हिस्सेदारी: सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार में उचित अवसर नहीं मिल पाते। स्थानीय प्रतिभाओं को प्राथमिकता दिलाने और कौशल विकास के नए संस्थान स्थापित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

* सनातन धर्म और देवभूमि के मान-सम्मान की रक्षा: हरिद्वार सनातन धर्म का वैश्विक केंद्र है। देवभूमि की सांस्कृतिक अस्मिता, तीर्थ क्षेत्रों की गरिमा और गंगा की अविरलता-निर्मलता की रक्षा के लिए वे हमेशा बिना किसी समझौते के मुखर रहे हैं।

* जलभराव, सीवरेज और सड़कों की समस्याओं का स्थायी समाधान: रानीपुर के रिहायशी इलाकों में मानसून के दौरान जलभराव, टूटी सड़कें और लचर जल निकासी व्यवस्था पुरानी समस्या रही है। एक सुव्यवस्थित ड्रेनेज प्लान और आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण उनका प्रमुख एजेंडा है।

* शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसुलभ कार्यप्रणाली: कमजोर वर्ग के बच्चों की बेहतर शिक्षा, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और नियमित जनसुनवाई के माध्यम से बिचौलिया-मुक्त शासन स्थापित करना, ताकि आम जनता सीधे अपनी बात रख सके।

रानीपुर को आज केवल वादों की नहीं, बल्कि एक निर्भीक, पारदर्शी और समर्पित नेतृत्व की जरूरत है जो औद्योगिक विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों को भी सशक्त बना सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button