देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता कैलाश चन्द मिश्रा ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता संग्राम के ज्ञात-अज्ञात वीरों और अमर बलिदानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त केवल राष्ट्रीय पर्व मनाने का दिन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का अवसर भी है। देश की आजादी असंख्य वीरों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। उनके सपनों के भारत का निर्माण करना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है।
मिश्रा ने कहा कि स्वतंत्र भारत में नागरिकों को अनेक अधिकार प्राप्त हैं, लेकिन अधिकारों के साथ कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना भी आवश्यक है। राष्ट्र की प्रगति केवल शासन-व्यवस्था से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सकारात्मक सहभागिता से सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि देश की वास्तविक शक्ति नागरिकों के चरित्र, संस्कार, परिश्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण में निहित है।
उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि स्वतंत्रता दिवस को केवल तिरंगा फहराने और देशभक्ति के नारों तक सीमित न रखें, बल्कि राष्ट्र निर्माण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता, आपसी सद्भाव, सेवा, स्वावलंबन और सांस्कृतिक विरासत के प्रति गौरव की भावना को मजबूत करना समय की आवश्यकता है।
कैलाश चन्द मिश्रा ने कहा कि भारत की पहचान उसकी प्राचीन संस्कृति, जीवन-मूल्यों, विविधता में एकता और सामूहिक चेतना से है। आने वाली पीढ़ियों को आर्थिक और सामरिक रूप से सशक्त, संस्कारवान, आत्मनिर्भर तथा अपनी जड़ों से जुड़ा भारत देना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों से लेकर किसानों, श्रमिकों, वैज्ञानिकों, उद्यमियों और युवाओं तक समाज के प्रत्येक वर्ग का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने देशवासियों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि विचारों में राष्ट्र प्रथम, व्यवहार में सेवा और कर्मों में कर्तव्य को सर्वोच्च स्थान देंगे।
अंत में उन्होंने मां भारती के चरणों में नमन करते हुए सभी अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एकजुट और संगठित समाज के सामूहिक प्रयासों से भारत विश्व पटल पर और अधिक गौरव के साथ आगे बढ़ेगा।




