बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी मामले की जांच अब और तेज हो गई है। पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) से पिछले तीन वर्षों के दान का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। अब मंदिर के ‘कुबेर के खजाने’ में दर्ज नकदी के साथ-साथ सोना, चांदी, हीरे, माणिक और अन्य बहुमूल्य आभूषणों का भी अभिलेखों से मिलान किया जाएगा।
एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के लिए विशेषज्ञ लेखाकार को भी जांच में लगाया गया है। वहीं, मामले में मुख्य आरोपी की पुलिस रिमांड नहीं मिल सकी है, जबकि बीकेटीसी के पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।




