उत्तर प्रदेशउत्तराखंडगढ़वाल मण्डलदिल्ली एनसीआरदेश-विदेशदेहरादूनयूथरुड़कीशिक्षासामाजिकहरिद्वार

पहाड़ के लोगों की आंखों पर भारी पड़ रही बर्फ, बढ़ रहे स्नो-ब्लाइंडनेस के मामले

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जहां पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुकून देती है, वहीं अब यही बर्फ लोगों की आंखों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। राज्य के कई हिमाच्छादित इलाकों में स्नो-ब्लाइंडनेस (हिमांधता) के मामले बढ़ने लगे हैं, जिससे लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित हो रही है

विशेषज्ञों के अनुसार बर्फ की सफेद सतह सूर्य की पराबैंगनी (यूवी) किरणों को अत्यधिक मात्रा में परावर्तित करती है। लंबे समय तक बिना सुरक्षा के बर्फीले क्षेत्रों में रहने या यात्रा करने से आंखों की कॉर्निया पर असर पड़ता है, जिससे जलन, दर्द, धुंधला दिखना और अस्थायी रूप से दृष्टि कमजोर होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं।

चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग जैसे ऊंचाई वाले जिलों में रहने वाले लोगों तथा बर्फबारी का आनंद लेने पहुंचने वाले पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। चिकित्सकों का कहना है कि धूप में बर्फ के बीच रहने के दौरान यूवी-प्रोटेक्टेड चश्मे का उपयोग करना जरूरी है।

नेत्र रोग विशेषज्ञों के मुताबिक स्नो-ब्लाइंडनेस से बचाव के लिए धूप का चश्मा पहनना, आंखों को सीधे तेज रोशनी और बर्फ की चमक से बचाना तथा आंखों में जलन होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लापरवाही बरतने पर यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।

उत्तराखंड में हाल के वर्षों में बर्फबारी और मौसम के बदलते स्वरूप के बीच हिमालयी क्षेत्रों में लोगों को बर्फ से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति जागरूक करने की जरूरत महसूस की जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button