स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से लगभग एक माह पहले भारतीय टीम के चयनित खिलाड़ियों का प्रदर्शन विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में एक महत्वपूर्ण संकेत रहा है। इस सीज़न में कुछ खिलाड़ियों ने शानदार फॉर्म दिखाई, तो कई अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पाए। देश इस बड़े टूर्नामेंट में खिताब बचाने की उम्मीद रखता है।
टीम चयन और विजय हजारे का महत्व:
बीसीसीआई ने इस वर्ष चयन प्रक्रिया में बदलाव करते हुए, अधिकांश टी20 विश्व कप टीम के खिलाड़ियों को घरेलू वनडे में खेलने की कम से कम दो मैचों की अनिवार्यता रखी है। इसी वजह से 15 में से 14 खिलाड़ियों ने विजय हजारे ट्रॉफी खेली, जिससे चयनकर्ताओं को टीम की तैयारी आंकने का मौका मिला।
मुख्य प्रदर्शन:
बल्लेबाजों में रिंकू सिंह की धमाकेदार फार्म:
रिंकू सिंह ने हैदराबाद, चंडीगढ़, बड़ौदा जैसे मुकाबलों में कई महत्वपूर्ण पारियाँ खेलीं; इनमें 106* और 67 रन की पारियाँ समेत उनका खेल निरंतर प्रभावी रहा है, जो टी20 वर्ल्ड कप के लिये सकारात्मक संकेत है।
ऑलराउंडर्स ने दिखाया दम:
हार्दिक पांड्या ने विदर्भ और चंडीगढ़ के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया — उच्च स्कोर के साथ विकेट भी लिए। अक्षर पटेल ने बल्ले और गेंद दोनों से उपयोगी योगदान दिया। शिवम दुबे ने गेंदबाज़ी में असर दिखाया, हालांकि उनकी बल्लेबाजी कमजोर रही।
विकेटकीपर्स और बल्लेबाजों की मिली-जुली भूमिका:
संजू सैमसन ने एक सेंचुरी खेली, जबकि ईशान किशन ने 125 रन की बेहतरीन पारी खेलकर अपनी आक्रामक क्षमता दिखाई। दोनों खिलाड़ियों के अनुभव से टीम को टी20 माहौल में फायदा मिलेगा।
गेंदबाजी में विविधता:
वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव ने स्पिन डिपार्टमेंट में महत्वपूर्ण विकेट लिए, वहीं अर्शदीप सिंह ने तेज गेंदबाजों की लिस्ट में खुद को साबित किया। जसप्रीत बुमराह ट्रॉफी में नहीं खेले, लेकिन अनुभव और फिटनेस की वजह से टीम के लिये महत्वपूर्ण हैं।
उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे कुछ सितारे:
टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव की पारियाँ औसत रहीं, जबकि वॉशिंगटन सुंदर का प्रदर्शन दोनों विभागों में निराशाजनक रहा।
विश्लेषण:
विजय हजारे ट्रॉफी के प्रदर्शन से स्पष्ट हुआ है कि चयनकर्ताओं ने 50 ओवर के आंकड़ों से ज्यादा टी20 भूमिका और मैच-इम्पैक्ट को महत्व दिया है, जिसके कारण कुछ शीर्ष घरेलू रन-स्कोरर टीम में जगह नहीं बना सके।
आगे की तैयारी:
टी20 वर्ल्ड कप 2026 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका में आयोजित होगा, जिसमें भारत खिताब बचाने की रणनीति के साथ उतरेगा।




