उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे ने शुक्रवार को देवबंद-हरिद्वार रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने झबरेड़ा, रुड़की, ज्वालापुर और हरिद्वार रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण कर रेल संरक्षा, यात्री सुविधाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षा, स्वच्छता और यात्री सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
झबरेड़ा स्टेशन पर जीएम ने फुट ओवरब्रिज, स्टेशन परिसर और स्टेशन मास्टर कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने ट्रेन संचालन और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। इसके बाद अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित किए जा रहे रुड़की रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। यहां टिकट बुकिंग काउंटर, सर्कुलेटिंग एरिया, फुट ओवरब्रिज, लिफ्ट, प्लेटफॉर्म और एप्रोच रोड समेत विभिन्न कार्यों की प्रगति देखी। उन्होंने सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में उच्च गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए।
ज्वालापुर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म, अंडरपास और गुड्स शेड में चार पहिया वाहनों की लोडिंग व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं हरिद्वार स्टेशन पर कांवड़ मेला-2026 के मद्देनजर श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, सहयोग केंद्र, फुट ओवरब्रिज, पेयजल, स्वच्छता, पार्किंग और ट्रेन सूचना प्रणाली की समीक्षा की गई। जीएम ने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, आपदा प्रबंधन और यात्रियों के मार्गदर्शन की व्यवस्थाओं को लगातार मॉनिटर करने के निर्देश दिए।
हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर अर्धकुंभ-2027 के लिए प्रस्तावित होल्डिंग एरिया और यात्री प्रबंधन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। जीएम ने होल्डिंग एरिया की क्षमता, प्रवेश-निकास मार्ग, भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन निकासी, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश, चिकित्सा, पार्किंग और उद्घोषणा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को अर्धकुंभ की सभी तैयारियां समयबद्ध और बेहतर समन्वय के साथ पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम रेल यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।
निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक विनीता श्रीवास्तव, अपर मंडल रेल प्रबंधक पारितोष गौतम समेत मुख्यालय और मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।अगर चाहें तो मैं इसे अमर उजाला/दैनिक जागरण की स्थानीय खबर की शैली में और ज्यादा धारदार, 250-300 शब्दों में भी तैयार कर सकता हूं।




