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छोटे शहरों में एटीएम बंद होने का खतरा, नकदी संकट पर उद्योग संगठन ने जताई चिंता

नई दिल्ली। देश के छोटे शहरों और कस्बों में एटीएम सेवाएं प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है। एटीएम उद्योग के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (CATMi) ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के समक्ष इस मुद्दे को उठाते हुए कहा है कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के एटीएम में नकदी की कमी बढ़ती जा रही है, जिससे कई एटीएम बंद होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संगठन का आरोप है कि देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा टियर-1 और महानगरों के एटीएम में अधिक नकदी उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि छोटे शहरों के एटीएम नकदी संकट से जूझ रहे हैं। इस कारण ग्राहकों को नकदी निकालने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

बताया गया है कि 5 जून को RBI और SBI के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में एटीएम संचालकों ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया। रिपोर्ट के अनुसार, SBI के देशभर में लगभग 65 हजार एटीएम हैं। इनमें से करीब आधे एटीएम में नकदी प्रबंधन बैंक स्वयं करता है, जिनमें अधिकांश महानगरों और बड़े शहरों में स्थित हैं।

CATMi ने चेतावनी दी है कि यदि छोटे शहरों के एटीएम में नकदी आपूर्ति की समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो एटीएम संचालन प्रभावित हो सकता है। संगठन ने बैंकिंग क्षेत्र से लगभग 100 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग भी की है। मामले को लेकर RBI से आवश्यक हस्तक्षेप की अपेक्षा जताई गई है।

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