हरिद्वार, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आगामी कुंभ मेले को पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से ‘हरित हरिद्वार’ अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान के तहत अखाड़ों, आश्रमों, घाटों, राष्ट्रीय राजमार्गों और विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें संत समाज, प्रशासनिक अधिकारियों, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
पंतद्वीप के निकट आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मेलाधिकारी कुंभ मेला सोनिका ने वोगनविलिया का पौधा लगाकर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के मध्यवर्ती डिवाइडर पर भी बड़ी संख्या में पौधे रोपे गए। मेलाधिकारी ने कहा कि ‘हरित हरिद्वार’ केवल वृक्षारोपण अभियान नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का जनआंदोलन है, जिसका उद्देश्य आगामी कुंभ मेले को स्वच्छ, सुंदर और हराभरा बनाना है।
उन्होंने बताया कि लगाए गए पौधों की निगरानी और संरक्षण के लिए ऐप आधारित ट्रैकिंग एवं मॉनिटरिंग प्रणाली विकसित की गई है। साथ ही नागरिकों द्वारा सुझाए गए स्थानों पर भी वृक्षारोपण किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
अभियान में मुख्य विकास अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, जिला प्रशासन, एचआरडीए, एनएचएआई, एनएचआईटी, शांतिकुंज और देव संस्कृति विश्वविद्यालय के स्वयंसेवकों ने भी पौधारोपण किया।
विशेष बात यह रही कि सभी 13 अखाड़ों और अनेक आश्रमों में संतों के नेतृत्व में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। संतों ने पर्यावरण संरक्षण को आध्यात्मिक और सामाजिक दायित्व बताते हुए श्रद्धालुओं से अधिकाधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। अभियान के माध्यम से हरिद्वार को हरित और स्वच्छ बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।




