हिमालय की गोद में स्थित विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ मंदिर के कपाट गुरुवार को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ विधि-विधान के साथ खोल दिए गए। प्रातः निर्धारित मुहूर्त में सुबह 6:15 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच कपाट उद्घाटन की प्रक्रिया संपन्न हुई।
कपाट खुलने से पूर्व द्वार पूजा और पंचांग पूजन किया गया, जिसके बाद रावल जी ने नर पूजा की जिम्मेदारी संभाली। इस पावन अवसर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सान्निध्य में संपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।
कार्यक्रम में पुष्कर सिंह धामी सहित मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विशेष बात यह रही कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती लगातार चौथी बार कपाट खुलने के अवसर पर मौजूद रहे।
शंकराचार्य ने कहा कि कपाट खुलने के साथ ही अब आगामी छह माह तक देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु भगवान बदरी विशाल के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
इस अवसर पर विभिन्न संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरा धाम भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा।




