भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग को लेकर शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘न्याय अधिकार सभा’ का आयोजन किया गया। ‘क्रांतिवीर भरत तिवारी संघर्ष मोर्चा’ के बैनर तले आयोजित सभा में देश के विभिन्न राज्यों से लोगों के पहुंचने का दावा किया गया। आयोजकों के अनुसार, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा समेत कई राज्यों से करीब 12 हजार लोग सभा में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत देशभक्ति गीत ‘हम वतन साथियों’ से हुई। सभा में वक्ताओं ने भरत तिवारी मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। सभा के समापन पर आंदोलन की आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। वकीलों के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की गई।
भरत तिवारी की मां आशा देवी ने भावुक अपील करते हुए कहा कि उनके बेटे की मौत को एक माह बीत चुका है, लेकिन परिवार को अब तक न्याय नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए सवाल उठाया कि बिहार की नागरिक होने के बावजूद क्या उनके परिवार को न्याय नहीं मिलेगा।
सभा में पहुंचे स्वामी आनंद स्वरूप ने भरत तिवारी के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और उनकी स्मृति में स्मारक बनाए जाने की मांग की। उन्होंने कथित फर्जी एनकाउंटर के सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर न्याय सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई।
महेन्द्र सिंह सिकरवार ने बिहार सरकार से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। वहीं उज्जैन से पहुंचे गीतानंद महाराज ने कहा कि भविष्य में किसी भी क्रांतिकारी के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
सभा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को देशव्यापी स्तर पर और तेज किया जाएगा। जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग दोहराई।



