स्कूली शिक्षा को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में भारतीय शिक्षा बोर्ड (BSB) ने बड़ा कदम उठाया है। स्वामी रामदेव की मौजूदगी में बोर्ड ने पर्यटन एवं आतिथ्य, हस्तशिल्प एवं कालीन तथा हरित ऊर्जा क्षेत्र की तीन प्रमुख स्किल काउंसिल्स के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) किए। नोएडा स्थित बोर्ड के मुख्यालय में हुए समारोह में राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) के साथ चल रही साझेदारी को भी और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
इन समझौतों के तहत राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 और राष्ट्रीय कौशल योग्यता रूपरेखा (NSQF) के अनुरूप कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। पर्यटन, हस्तशिल्प, कालीन, हरित ऊर्जा और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में विद्यार्थियों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएंगे।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए भारतीय शिक्षा बोर्ड के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रामदेव ने कहा कि युवाओं को ऐसे कौशल सिखाने की जरूरत है, जिनके माध्यम से वे शीघ्र रोजगार प्राप्त करने के साथ अपना स्वरोजगार भी शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि आज के समय में कुशल और दक्ष होना युवाओं के लिए आवश्यक है और इसी उद्देश्य से देश की अग्रणी स्किल काउंसिल्स के साथ साझेदारी की जा रही है।
भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईएएस एनपी सिंह ने कहा कि बोर्ड ने NEP-2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF)-2023 के अनुरूप NSQF आधारित जॉब-रोल केंद्रित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को स्कूली शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की है। बोर्ड का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल उच्च शिक्षा के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें कुशल पेशेवर, नवाचारकर्ता और उद्यमी बनाना है।
AI से सौर ऊर्जा तक सीखेंगे विद्यार्थी
एमओयू के बाद विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिटिक्स और वेब डिजाइनिंग जैसे आधुनिक कौशल सीखने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा सौर ऊर्जा और वैकल्पिक ऊर्जा तकनीक, हस्तशिल्प और पारंपरिक कला से जुड़े पाठ्यक्रम भी शामिल किए जाएंगे। विद्यार्थी स्थानीय कारीगरों से पारंपरिक हुनर सीख सकेंगे।
पतंजलि इंडस्ट्रीज में इंटर्नशिप का अवसर
विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देने के लिए पतंजलि इंडस्ट्रीज में 15 दिन की इंटर्नशिप का अवसर भी दिया जाएगा। साथ ही उन्हें स्टार्टअप और स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बोर्ड के अनुसार NSQF के तहत व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को लेवल-1 से लेवल-10 तक मानकीकृत किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को शिक्षा से रोजगार और उद्यमिता तक स्पष्ट मार्ग मिल सकेगा।
समारोह में BSB के सचिव आरपी सिंह, NIELIT के महानिदेशक प्रो. मदन मोहन त्रिपाठी, डॉ. निधि गुसईं, स्किल काउंसिल फॉर ग्रीन जॉब्स के सीईओ अर्पित शर्मा, हैंडीक्राफ्ट्स एंड कारपेट सेक्टर स्किल काउंसिल के सीईओ किशन कुमार और टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल के सीईओ रंजन बहादुर सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।




