कोर्ट ने केरल के प्रसिद्ध और राज्य के सबसे ऊंचे हाथी ‘रमन’ को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए राज्य सरकार को उसकी अस्थायी कस्टडी लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि हाथी के स्वास्थ्य और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए, इसलिए उसे फिलहाल किसी उपयुक्त बचाव एवं पुनर्वास केंद्र में रखा जाए।
न्यायालय ने यह आदेश हाथी के स्वामित्व को लेकर चल रहे विवाद और अदालत को दिए गए आश्वासन के उल्लंघन के आरोपों के बीच दिया। कोर्ट के समक्ष आरोप लगाया गया था कि हाथी का उपयोग मंदिर उत्सवों और अन्य गतिविधियों में किया गया, जबकि ऐसा नहीं करने का आश्वासन दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बेजुबान जानवरों के हितों की रक्षा करना भी न्यायालय की जिम्मेदारी है और वह इस मामले में मूकदर्शक नहीं बन सकता। अदालत ने संबंधित पक्ष को अवमानना का दोषी मानते हुए जुर्माना भी लगाया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हाथी की कस्टडी संबंधी यह व्यवस्था अस्थायी है और स्वामित्व विवाद पर अंतिम फैसला आने तक लागू रहेगी। फिलहाल केरल सरकार हाथी की देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी निभाएगी।




