ऋषिकेश (यमकेश्वर)। क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय पैंया को शून्य छात्र संख्या के कारण बंद कर दिया गया। कभी बच्चों की चहल-पहल से गूंजने वाला यह स्कूल अब पूरी तरह सन्नाटे में डूब गया है, जिससे ग्रामीणों में गहरी भावनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली।
शिक्षा विभाग की टीम ने ग्राम प्रधान की मौजूदगी में विद्यालय से फर्नीचर, ब्लैकबोर्ड, खेल सामग्री सहित अन्य सामान हटाकर राजकीय प्राथमिक विद्यालय बिंजाखेत भेज दिया। बिंजाखेत में वर्तमान में करीब 15 छात्र अध्ययनरत हैं, जहां इन संसाधनों का उपयोग किया जाएगा।
विद्यालय बंद होने के दौरान गांव के पुराने छात्र और ग्रामीण भावुक हो उठे। उनका कहना है कि यह स्कूल केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि गांव की पहचान और पीढ़ियों की यादों का हिस्सा था। स्कूल बंद होने से गांव की सामाजिक संरचना पर भी असर पड़ा है।
खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि लगातार शून्य नामांकन के कारण यह निर्णय लेना पड़ा, और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए उन्हें दूसरे विद्यालय में स्थानांतरित किया गया है।




