हरिद्वार, 17 मार्च। एस.एम.जे.एन. पी.जी. कॉलेज में आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ, पर्यावरण प्रकोष्ठ, स्टैंडर्ड क्लब एवं यूकॉस्ट के संयुक्त तत्वावधान में “जल संरक्षण और गंगा नदी के पुनर्जीवन” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमहंत डॉ. रविन्द्र पुरी ने करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सतत विकास ही एकमात्र प्रभावी मार्ग है। उन्होंने नमामि गंगे अभियान की सराहना करते हुए जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि मैती आंदोलन के प्रणेता कल्याण सिंह रावत ने कहा कि हिमालय प्रकृति की आत्मा है, जिसका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जल संकट को वैश्विक चुनौती बताते हुए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि जल संरक्षण अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्य संकल्प बन चुका है। मुख्य वक्ता प्रो. बी.डी. जोशी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. नील रतन ने भी पर्यावरण संतुलन और स्वच्छता के महत्व पर अपने विचार रखे।
सेमिनार के दौरान विभिन्न शिक्षाविदों को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया तथा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।




