ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल विद्युत व्यवस्था, अघोषित कटौती, जर्जर बिजली लाइनों और झुके व टूटे खंभों की समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन (श्रमिक शक्ति) ने विद्युत मंत्री को संबोधित ज्ञापन सरेनी विद्युत विभाग के एसडीओ को सौंपा। ज्ञापन राष्ट्रीय अध्यक्ष शशिकांत तिवारी और प्रदेश अध्यक्ष बुद्धिलाल पंडा के नेतृत्व में दिया गया।
प्रदेश अध्यक्ष बुद्धिलाल पंडा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित विद्युत आपूर्ति के बावजूद नियमित बिजली नहीं मिल रही है। शाम के समय कटौती से किसानों, मजदूरों और विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। रात में अंधेरा रहने से गंगा के कछार क्षेत्र में जंगली जानवरों का खतरा भी बना रहता है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष शशिकांत तिवारी ने ग्राम विशायकपुर के पास 33 हजार वोल्ट की लाइन के तीन खंभों के झुके होने का मामला उठाते हुए तत्काल मरम्मत की मांग की। उन्होंने कहा कि समय रहते खंभों को ठीक नहीं किया गया तो हादसा हो सकता है। संगठन ने गांवों में नीचे लटक रहे तारों और जर्जर खंभों को भी बदलने की मांग की।
ज्ञापन में ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, विद्युत लाइनों को दुरुस्त कराने, विशायकपुर की हरिजन बस्ती में टूटे खंभे को बदलने तथा उपभोक्ताओं की शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की गई। संगठन ने लाइनमैन द्वारा कथित रूप से सुविधा शुल्क मांगने और गरीब किसानों से अवैध वसूली के आरोपों की जांच कराने की भी मांग रखी। साथ ही स्मार्ट मीटर हटाकर पूर्व व्यवस्था के अनुसार सामान्य मीटर लगाने और इसके लिए उपभोक्ताओं से अतिरिक्त शुल्क न लेने की मांग की गई।
भाकियू ने ग्रामीण क्षेत्रों में शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा दिन में भी निर्धारित अवधि तक बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। इस दौरान विकास द्विवेदी, सचिन तिवारी, कमलेश निषाद, राजू भाई, सतीश मिश्रा, नीरज तिवारी, नरेंद्र शर्मा, दिनेश चंद्र, विमल कुमार, राजू शुक्ला, बबलू, अनिल कुमार और राम प्रसाद समेत संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।



