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पतंजलि के ‘वेलनेस मॉडल’ पर बढ़ा वैश्विक भरोसा, 1.38 करोड़ से अधिक मरीजों ने कराया उपचार

आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जोड़कर विकसित किए जा रहे पतंजलि के ‘वेलनेस मॉडल’ पर देश-विदेश के मरीजों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। पतंजलि की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1.38 करोड़ से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है। इनमें 88 देशों के 45 हजार से अधिक विदेशी मरीज शामिल हैं। यूरोप, मध्य-पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका सहित विभिन्न क्षेत्रों से मरीज उपचार और वेलनेस सेवाओं के लिए पतंजलि पहुंच रहे हैं।

पतंजलि के अनुसार, उपचार के लिए आने वाले मरीजों का डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इससे मरीज के उपचार, स्वास्थ्य स्थिति और चिकित्सा संबंधी जानकारी को व्यवस्थित तरीके से दर्ज करने में मदद मिलती है। संस्था का दावा है कि उसके विशाल नेटवर्क में 5,000 से अधिक डॉक्टर और 500 से अधिक वैज्ञानिक कार्य कर रहे हैं।

1.38 करोड़ मरीजों के उपचार का दावा

पतंजलि के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उपचार कराने वाले मरीजों में 57 प्रतिशत पुरुष और 43 प्रतिशत महिलाएं हैं। वहीं करीब 46 प्रतिशत मरीज 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के हैं। कुल मरीजों में 99.7 प्रतिशत भारतीय और 45 हजार से अधिक विदेशी मरीज बताए गए हैं। पतंजलि के मुताबिक 88 से अधिक देशों के मरीज यहां उपचार करा चुके हैं।

संस्था का यह भी दावा है कि उसके नेटवर्क से जुड़े 10 लाख से अधिक योग वॉलेंटियर, एक लाख से अधिक निशुल्क योग कक्षाएं और प्रतिदिन करीब 15 हजार निशुल्क ओपीडी संचालित हो रही हैं। इसके अलावा 500 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए जाने की जानकारी दी गई है।

इन राज्यों से पहुंच रहे अधिक मरीज

पतंजलि में देश के लगभग सभी राज्यों से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, गुजरात, हरियाणा और महाराष्ट्र से आने वाले मरीजों की संख्या अन्य राज्यों की तुलना में अधिक बताई गई है।

आयुर्वेद को वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने की पहल

पतंजलि का कहना है कि उसका वेलनेस मॉडल योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, संतुलित आहार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को एक साथ जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है। संस्था अब ‘पतंजलि इंटीग्रेटेड हेल्थ मॉडल’ की ओर भी कदम बढ़ा रही है, जिसमें पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ आधुनिक चिकित्सा विज्ञान, डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड और अनुसंधान को समन्वित करने पर जोर दिया जा रहा है।

मेडिकल टूरिज्म का वैश्विक केंद्र बनाने का लक्ष्य

पतंजलि की पहल को भारत में वेलनेस और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संस्था का लक्ष्य भारत को आयुर्वेद, योग और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए अनुसंधान, वैज्ञानिक प्रमाण, आधुनिक तकनीक और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय पर जोर दिया जा रहा है।

आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि का लक्ष्य केवल रोगों का उपचार करना नहीं, बल्कि साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद को वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था की मुख्यधारा में स्थापित करना है। डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड, गहन अनुसंधान और आधुनिक तकनीकों के समन्वय से आयुर्वेद को वैज्ञानिक प्रमाणिकता प्रदान करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

स्वामी रामदेव ने कहा कि योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, संतुलित आहार और वैज्ञानिक उपवास आधारित जीवनशैली करोड़ों लोगों के लिए स्वास्थ्य और नई आशा का माध्यम बन रही है। उनका कहना है कि योग, आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान को एकीकृत कर ऐसा स्वास्थ्य तंत्र विकसित किया जाना चाहिए, जो रोगों के उपचार के साथ संपूर्ण जीवन को स्वस्थ और संतुलित बनाने पर केंद्रित हो। उन्होंने भारत को विश्व का प्रमुख हेल्थ एवं वेलनेस डेस्टिनेशन बनाने में पतंजलि की अग्रणी भूमिका की बात कही।

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