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उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड समाप्त, एक जुलाई से अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण लागू

उत्तराखंड सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए एक जुलाई से मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में नए प्राधिकरण का शुभारंभ किया तथा विभिन्न अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रमाणपत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य किसी समुदाय की परंपरा या पहचान को प्रभावित करना नहीं, बल्कि सभी अल्पसंख्यक समुदायों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और समान शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की पुस्तकें भी भेंट कीं और कहा कि विज्ञान, गणित, कंप्यूटर, तकनीक तथा कौशल विकास आधारित शिक्षा से बच्चों का भविष्य मजबूत होगा।

सरकार के अनुसार नई व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप है। इसके तहत मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ सिख, जैन, बौद्ध, ईसाई और पारसी समुदायों के शिक्षण संस्थानों को भी समान रूप से प्राधिकरण के दायरे में लाया गया है। राज्य सरकार का कहना है कि इससे अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में पारदर्शिता, जवाबदेही और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

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