भारतीय शिक्षा बोर्ड (बीएसबी) की ओर से हरिद्वार जोन के शिक्षकों के लिए आयोजित दो चरणों के प्रशिक्षण शिविर का समापन कन्या गुरुकुल हरिद्वार में हुआ। प्रशिक्षण में उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और असम के 250 से अधिक शिक्षकों ने भाग लिया।
समापन अवसर पर स्वामी रामदेव ने कहा कि भारत को औपनिवेशिक मानसिकता और मैकाले की गुलामी वाली शिक्षा व्यवस्था से वास्तविक मुक्ति भारतीय शिक्षा बोर्ड जैसी व्यवस्था ही दिला सकती है। उन्होंने कहा कि इस परिवर्तन में शिक्षकों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षक ही ऐसी पीढ़ी तैयार करेंगे, जो ज्ञान, संस्कार, कौशल और राष्ट्रभावना से समृद्ध होकर भारत को विश्वगुरु बनाने में योगदान देगी।
भारतीय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस अधिकारी एन.पी. सिंह ने कहा कि बोर्ड का उद्देश्य केवल रोजगारोन्मुख शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और जीवन कौशल से जोड़कर उत्कृष्ट व्यक्तित्व का निर्माण करना है। ऐसे विद्यार्थी भविष्य में राष्ट्र निर्माण के सशक्त वाहक बनेंगे।
20-21 जून को कक्षा 1 से 5 तथा 23-24 जून को कक्षा 6 से 8 के शिक्षकों के लिए आयोजित प्रशिक्षण में कौशल आधारित शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया। हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत, बाल वाटिका और ‘द वर्ल्ड अराउंड अस’ विषयों पर दिल्ली, मेरठ, मोदीनगर, देहरादून और हल्द्वानी से आए विशेषज्ञों ने शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया।
- इस अवसर पर प्रशिक्षण एवं गुरुकुल शिक्षा सलाहकार वंदना पांडे सहित भारतीय शिक्षा बोर्ड के अधिकारी भी उपस्थित रहे।




