एक मानवाधिकार संगठन ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई के कई बलूच नागरिकों की हत्या कर दी।
मानवाधिकार संगठन के अनुसार अवारन जिले में दो भाइयों—नादिल बलूच और शेर जान—को पहले जबरन गायब किया गया और बाद में उनके शव अलग-अलग स्थानों पर मिले। आरोप है कि उन्हें कई महीनों तक गैरकानूनी हिरासत में रखने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पंजगुर जिले में दो युवा वाहन चालकों नियाज बलूच और जाकिर बलूच की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके अलावा हलीम बलूच और उमर जान समेत अन्य लोगों के शव भी विभिन्न क्षेत्रों में बरामद होने का दावा किया गया है।
मानवाधिकार संगठनों ने इन घटनाओं को बलूचिस्तान में कथित “किल एंड डंप” नीति का हिस्सा बताया है, जिसमें लोगों को जबरन उठाकर बाद में मृत अवस्था में फेंक दिया जाता है। संगठनों ने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।




