सात दिवसीय इस महोत्सव में दुनिया भर से योग साधक और योगाचार्य भाग लेने पहुंचे हैं।
महोत्सव में करीब 80 देशों से 1200 से अधिक योग जिज्ञासु और योग गुरु शामिल हुए हैं। कार्यक्रम 9 से 15 मार्च तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें योग, ध्यान, प्राणायाम, आध्यात्मिक प्रवचन, कार्यशालाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि यह महोत्सव पूरी दुनिया को योग और आध्यात्मिकता के माध्यम से एक सूत्र में जोड़ने का प्रयास है। प्रतिभागियों को 150 से अधिक योग कक्षाओं, संवाद सत्रों और कार्यशालाओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
महोत्सव के दौरान कुंडलिनी योग, हठ योग, योग निद्रा, प्राणायाम, ध्यान, आयुर्वेद और ध्वनि चिकित्सा जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियां भी होंगी।
कार्यक्रम में 13 मार्च को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और 14 मार्च को राज्यपाल गुरमीत सिंह के भी शामिल होने की संभावना है।




