बहराइच, 11 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में 13 अक्टूबर 2024 को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा में रामगोपाल मिश्रा की हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाया गया है। अदालत ने मुख्य अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सरफराज उर्फ रिंकू को फांसी की सजा सुनाई है, जबकि नौ अन्य दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी गई है। साथ ही इन पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला तब देश की सुर्खियों में आया था जब महराजगंज कस्बे में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान रामगोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिससे इलाके में हिंसा फैल गई थी। इस हिंसा में घर, दुकान और वाहनों को आग लगाई गई थी और व्यापक कानून-व्यवस्था संकट पैदा हुआ था। कोर्ट ने 14 महीने की सुनवाई के बाद 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था, जबकि तीन आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया था।
सजा सुनाए जाने के दौरान बहराइच कचहरी परिसर में सुरक्षा इतनी कड़ी रखी गई थी कि प्रशासन ने आसपास के इलाकों में पुलिस और पीएसी बलों को तैनात किया था। मृतक रामगोपाल के परिजनों और स्थानीय लोगों की निगाहें अदालत पर टिकी रहीं। परिवार ने दोषियों के लिए कठोरतम सजा की मांग की थी।
पुलिस प्रशासन ने इस दौरान मामले की तफ्तीश जारी रखी और जांच में मिली लापरवाही को लेकर विभागीय जांच भी तेज कर दी है। दोषियों को सजा सुनाए जाने के बाद इलाके में शांति बनी हुई है।




