श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज से भेंटकर धार्मिक आयोजनों में देवी-देवताओं का स्वरूप धारण कर नृत्य प्रस्तुतियों पर रोक लगाने की मांग की है।
पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि धार्मिक मंचों पर कलाकारों द्वारा देवी-देवताओं का रूप धरकर नृत्य करना सनातन धर्म संस्कृति की मर्यादाओं के विपरीत है और कई बार ऐसे दृश्य बन जाते हैं जिससे श्रद्धालुओं को असहज होना पड़ता है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म का अपमान किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे मामलों में “कालनेमी अभियान” चला रही है और देवी-देवताओं का रूप धरकर ठगी या अनुचित कार्य करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संत समाज से भी इस विषय पर विचार-विमर्श कर ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया।
बैठक में भागवताचार्य पवन कृष्ण शास्त्री, स्वामी प्रशांत गिरी, प्रदीप शास्त्री, सुरेश शुक्ला, मनीष शुक्ला, आचार्य गिरीश मिश्रा, कुलदीप, कृष्णा चौहान, यशपाल शर्मा, पवन त्यागी, चमन गिरी और हरिओम सैनी सहित कई संत-भक्त उपस्थित रहे।




