नई दिल्ली, 8 सितंबर (अमर उजाला) – नेपाल सरकार द्वारा बिना पंजीकरण वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ व्यापक विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस आवश्यकता की पृष्ठभूमि में नेपाल सरकार ने कुछ प्लेटफॉर्म्स को 3 सितंबर तक पंजीकरण करवाने की अंतिम डेडलाइन दी थी; नियमों का पालन न करने पर ये प्लेटफॉर्म्स नागरिकों के लिए बंद कर दिए गए। इससे नाराज़ युवा सड़कों पर उतर आए हैं और प्रदर्शन तेज हैं।
भारत में सोशल मीडिया पर नियंत्रण के तीन मुख्य कानून
नेपाल में प्रचलित विवाद के बीच, भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स—विशेषकर जिन पर 50 लाख से अधिक यूज़र हैं जैसे फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम—उन्हें तीन प्रमुख कानूनों के तहत नियंत्रित किया जाता है:
1. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (आईटी एक्ट) – धारा 79 सोशल मीडिया कंपनियों को “सेफ हार्बर” सुरक्षा प्रदान करती है; लेकिन नियमों का उल्लंघन होने पर यह सुरक्षा समाप्त हो जाती है।
2. आईटी नियम, 2021 – बड़े प्लेटफॉर्म को भारत में चीफ कंप्लायंस ऑफिसर, नोडल कॉन्टैक्ट पर्सन और रेजिडेंट ग्रिवेंस ऑफिसर नियुक्त करना अनिवार्य है। शिकायतों का 24 घंटे में जवाब, 15 दिनों में समाधान, मासिक पारदर्शिता रिपोर्ट, कंटेंट और यूज़र डेटा को 180 दिनों तक संरक्षित रखना और गंभीर मामलों में 72 घंटे में जानकारी उपलब्ध कराना नियमों में शामिल हैं।
3. डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 (DPDP Act) – उपयोगकर्ता की सहमति पर ही डेटा संग्रहण की अनुमति देता है। उल्लंघन पर 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
इन कानूनों का उद्देश्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अधिक जिम्मेदार बनाना है—पर सवाल उठता है कि क्या इससे अभिव्यक्ति की आज़ादी और निजता प्रभावित हो सकती है।
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संक्षिप्त संस्करण (100-120 शब्दों में)
नेपाल में सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ प्रदर्शन तेज, भारत में सोशल मीडिया को तीन प्रमुख कानूनों से नियंत्रित किया जाता है:
नेपाल सरकार ने बिना पंजीकरण वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स—जैसे फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम—पर प्रतिबंध लगाया। नियमों का पालन न करने वाले प्लेटफॉर्म्स बंद कर दिए गए, जिससे वे युवा नागरिक विरोध में सड़कों पर उतर आए।
भारत में इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को तीन प्रमुख कानूनों से नियंत्रित किया जाता है — आईटी एक्ट, 2000, आईटी नियम, 2021 और DPDP Act, 2023। ये कंपनियों को जवाबदेह बनाते हैं तथा उपयोगकर्ता सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और सक्रिय निगरानी सुनिश्चित करते हैं।




