राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर रविवार को शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने भूपतवाला स्थित शांभवी धाम में काली सेना का वार्षिक संकल्प पत्र जारी किया। इस दौरान उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड को “शुद्ध हिन्दू राज्य” के रूप में स्थापित करने का आह्वान किया और संगठन की आगामी वर्षभर की गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि काली सेना राष्ट्र और धर्म के उत्थान के लिए समर्पित संगठन है। उन्होंने कहा कि देवभूमि की रक्षा केवल राजनीतिक नेतृत्व के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती, बल्कि इसके लिए जनजागरण और सामाजिक एकता आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि 9 नवम्बर 2025 से 9 नवम्बर 2026 तक काली सेना “देवभूमि जागृति वर्ष” के रूप में मनाएगी। इस अवधि में सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी।
संकल्प पत्र में संगठन के मुख्य उद्देश्य बताए गए—
सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार,
जनसंख्या संतुलन बनाए रखना,
मांस व मदिरा पर प्रतिबंध हेतु जनजागरण अभियान, तथा
समाज विरोधी तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए जनजागरण।
स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि काली सेना युवाओं के लिए जिलेवार रोजगार व स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएगी। साथ ही लापता बच्चियों की तलाश के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित की जाएगी।
उन्होंने सरकार से सम्पूर्ण हरिद्वार जनपद को तीर्थ क्षेत्र घोषित करने और हरिद्वार से देवप्रयाग तक के क्षेत्र को कुंभ क्षेत्र के रूप में मान्यता देने की मांग की।
संगठन ने हिन्दू एकता को सुदृढ़ करने के लिए ग्राम स्तर पर मासिक हिन्दू पंचायतें आयोजित करने और दस लाख सक्रिय सदस्य जोड़ने का लक्ष्य रखा है। स्वामी महाराज ने व्यापारियों से अपने प्रतिष्ठानों पर स्वनाम लेखन करने की अपील भी की।
इस अवसर पर हरीश देवली, मनोज गहतोड़ी सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।




