हरिद्वार। शारदीय नवरात्र की महानवमी के पावन अवसर पर हरिद्वार स्थित श्रवणनाथ मठ में वार्षिकोत्सव एवं धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। इस अवसर पर गंगा तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां भगवती की आराधना की गई। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं श्री मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया।
महानवमी के अवसर पर कन्या पूजन का विशेष आयोजन किया गया। श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने देवी स्वरूप कन्याओं का विधि-विधान से पूजन कर उन्हें चुनरी, उपहार और दक्षिणा भेंट की। उन्होंने कन्याओं का आशीर्वाद लेकर देश और प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में कन्याओं को मां भगवती का स्वरूप माना गया है। कन्या पूजन भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण परंपरा है, जो नारी सम्मान और शक्ति की उपासना का संदेश देती है।
इस अवसर पर संत-महात्माओं ने नवरात्र के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धार्मिक आयोजन भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मां दुर्गा की आराधना से मनुष्य को शक्ति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। संत समाज ने लोगों से धार्मिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा सहयोग की भावना को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, सेवा, संस्कार और मानव कल्याण का संदेश दिया गया। वार्षिकोत्सव एवं महानवमी अनुष्ठान में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और मां भगवती से सभी के कल्याण की प्रार्थना की।




