कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू से जुड़े मामले की जांच तेज हो गई है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने सोमवार देर शाम मंत्री रेखा आर्या के बयान दर्ज किए। एसपी देहात जया बलोनी के नेतृत्व में गठित टीम ने प्रकरण से संबंधित वायरल ऑडियो को भी अपने कब्जे में ले लिया है। मंगलवार को ऑडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी है। वहीं, बरेली गई पुलिस टीम दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाकर देहरादून लौट आई है।
रेखा आर्या ने 15 अक्तूबर को कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने मारपीट, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्द कहने, धोखाधड़ी और हत्या की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया है कि कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षरों और दस्तावेजों के माध्यम से उन्हें कंपनियों में निदेशक पद से हटा दिया गया।
बरेली में जुटाए गए साक्ष्य
मामले की जांच के लिए बरेली गई एसआईटी की टीम गिरधारी लाल साहू से जुड़े कई ठिकानों पर पहुंची और दस्तावेजों सहित अन्य साक्ष्य जुटाए। हालांकि, टीम गिरधारी लाल साहू से पूछताछ नहीं कर सकी। अब पुलिस जुटाए गए दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
ऑडियो की प्रामाणिकता की होगी जांच
मामले में सामने आए वायरल ऑडियो की सत्यता जांचने के लिए उसे फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। गिरधारी लाल साहू इस ऑडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार किया गया बताते हुए आरोपों को खारिज कर चुके हैं। ऐसे में ऑडियो की प्रामाणिकता की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
एसआईटी संबंधित कंपनियों के दस्तावेजों और उन पर दर्ज हस्ताक्षरों का भी मिलान कराएगी, ताकि फर्जीवाड़े के आरोपों की सत्यता का पता लगाया जा सके। एसपी देहात जया बलोनी के नेतृत्व में गठित टीम अब मंत्री के बयानों, दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।




