कांग्रेस सांसद किशोरी लाल ने आरोप लगाया कि उन्हें अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन करने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल श्रीराम के दर्शन करना था, किसी जांच या प्रशासनिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना नहीं।
सांसद ने कहा कि भगवान के दर्शन करना हर श्रद्धालु का अधिकार है और सनातन परंपरा में सभी भक्तों के लिए मंदिर के द्वार समान रूप से खुले होते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं तो एक जनप्रतिनिधि और उसके प्रतिनिधिमंडल को किस आधार पर रोका गया। उनका कहना था कि राजनीतिक विचारधारा किसी व्यक्ति के धार्मिक अधिकारों से बड़ी नहीं हो सकती।
किशोरी लाल ने सरकार से मांग की कि यदि किसी राजनीतिक दल के नेताओं के अयोध्या में प्रवेश या दर्शन को लेकर कोई विशेष नियम अथवा प्रतिबंध है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि बिना स्पष्ट कारण किसी श्रद्धालु को भगवान के दर्शन से वंचित करना उचित नहीं है।
सांसद ने यह भी कहा कि प्रभु श्रीराम सभी के हैं और उनके दरबार में आस्था का सम्मान होना चाहिए। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।




