धर्मनगरी हरिद्वार स्थित एस.एम.जे.एन. पी.जी. कॉलेज परिसर में पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के तत्वावधान में सोमवार को महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश–विदेश से पहुंचे संत–महात्मा, विभिन्न अखाड़ों के प्रतिनिधि, विद्वान आचार्य एवं बड़ी संख्या में सनातन धर्मावलंबी श्रद्धालु उपस्थित रहे।
वैदिक विधि–विधान और मंत्रोच्चार के बीच स्वामी आदित्यानंद गिरी का श्री पंचायती निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक किया गया। संतों ने चादर विधि के अनुसार उन्हें चादर ओढ़ाकर स्वागत किया, इसके पश्चात पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ उन्हें महामंडलेश्वर घोषित किया गया। हर-हर महादेव के उद्घोष से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा।
पट्टाभिषेक के उपरांत महामंडलेश्वर स्वामी आदित्यानंद गिरी महाराज ने कहा कि यह उनके लिए अत्यंत गौरव का क्षण है। उन्होंने अखाड़े की परंपराओं को आगे बढ़ाने और सनातन धर्म के प्रचार–प्रसार के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया।
अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने कहा कि आदित्यानंद गिरी जैसे युवा और दिव्य संत का महामंडलेश्वर पद पर आसीन होना संत समाज और हिंदू समाज को नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि आगामी धर्म संसद जापान में आयोजित की जाएगी, जिसके लिए शीघ्र ही अखाड़े का एक शिष्टमंडल जापान रवाना होगा। उन्होंने कहा कि श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा सदैव समाज निर्माण और मानव सेवा के लिए कार्य करता रहा है।
कार्यक्रम के अध्यक्ष श्रीमहंत प्रेम गिरी महाराज ने कहा कि आज पूरी दुनिया सनातन संस्कृति को अपना रही है और इसके प्रचार में संत समाज की युगों से महत्वपूर्ण भूमिका रही है। महामंडलेश्वर स्वामी आदित्यानंद गिरी विश्व भर में सनातन संस्कृति की पताका फहराएंगे।
महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी महाराज ने कहा कि स्वामी आदित्यानंद गिरी अपनी आध्यात्मिक यात्रा के माध्यम से जापानी समाज को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। वहीं श्रीमहंत महेश पुरी ने कहा कि वे संपूर्ण विश्व को सनातन परंपरा से जोड़ने का कार्य करेंगे। श्रीमहंत दर्शन भारती ने इस अवसर को गुरु–शिष्य परंपरा का जीवंत उदाहरण बताया।
समारोह में संत समाज एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति से आयोजन भव्य और ऐतिहासिक बन गया।




