धीरेन्द्र शास्त्री जी की पावन सनातन एकता पदयात्रा में आज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डॉ. रविंद्र पुरी जी ने पहुंचकर भक्तों को गहराई से प्रेरित किया। पदयात्रा में श्री महंत रविंद्र पुरी जी के साथ तमाम संत गण भी पहुंचे जहां उनका भव्य स्वागत किया गया, इस मौके पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्री महंत रविंद्र पुरी ने धर्म, सेवा और भक्ति के इस अनूठे संगम को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इस पदयात्रा का उद्देश्य सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि समाज में जागृति और आध्यात्मिक उन्नति है। धीरेन्द्र शास्त्री जी के कदम समाज के हर वर्ग तक संस्कार, सत्य और सदाचार का प्रकाश लेकर जा रहे हैं, जो आज के समय में अत्यंत आवश्यक है।

डॉ. रविंद्र पुरी ने संतों के महत्त्व, अनुशासन और धैर्य की सीख देते हुए कहा कि यदि संत समाज की बुराइयों के खिलाफ कदम नहीं बढ़ाएंगे तो कौन करेगा। उन्होंने पदयात्रा को लोककल्याण का संदेश देने वाली एक गतिशील पाठशाला बताया। अखाड़ा परिषद के आशीर्वाद और साधुवाद के साथ उन्होंने प्रण किया कि यह धर्मयात्रा निरंतर आगे बढ़े और समाज में एकता, समरसता और आध्यात्मिकता का संचार हो।
इस अवसर पर सभी भक्तों से निवेदन किया गया कि वे संतों के साथ चलें, उनके संदेशों को आत्मसात करें और समाज को बेहतर बनाने में योगदान करें। यह पदयात्रा न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय एकजुटता का प्रतीक भी बन चुकी है, जो पूरे देश में सनातन संस्कारों का पुनर्जागरण कर रही है।




