दिल्ली/तिरुपति, 9 फरवरी 2026 — प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद लड्डू को लेकर विवाद एक बार फिर गरमा गया है, जिसमें आंध्र प्रदेश साधु परिषद के अध्यक्ष श्रीनिवासानंद सरस्वती ने आरोप लगाया है कि सीबीआई की जांच रिपोर्ट में लड्डू में इस्तेमाल घी में मिलावट की पुष्टि हुई है। उन्होंने दावा किया कि लगभग 20 करोड़ रुपये मूल्य के लड्डू प्रसाद में मिलावट की गई थी, जिसे लेकर सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सरस्वती ने अपने बयान में कहा कि यह घी मिलावट के कारण श्रद्धालु बीमार भी पड़ सकते हैं और आरोप लगाया कि एक खाद्य माफिया पवित्र लड्डू में मिलावट कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषियों को भगवान वेंकटेश्वर के दंड से कोई बच नहीं पाएगा।
इस विवाद की पृष्ठभूमि में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी पहले आरोप लगाया था कि लड्डू बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया घी रसायनों वाला था, जो पिछली सरकार के दौरान इस्तेमाल हुआ था।
मामले पर अन्य राष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, तिरुपति लड्डू विवाद राजनीतिक रूप से भी गर्माया हुआ है। सीबीआई-नेतृत्व वाले विशेष जांच दल (SIT) की चार्जशीट में गही में मिलावट की बात कही गई है, लेकिन घी में किसी भी “जानवरिक वसा” (animal fat) की पुष्टि नहीं हुई है, और जांच को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस जारी है।
यह मामला भारतीय श्रद्धा एवं धार्मिक प्रसाद की पवित्रता के साथ जुड़ा होने के कारण जनता में संवेदनशीलता पैदा कर रहा है, और अब देवस्थान मंत्रालय तथा राज्य सरकार से स्पष्टीकरण तथा जवाबदेही की मांगें तेज़ हो चुकी हैं।




