देहरादून, 9 फरवरी 2026 — उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की केवल उन्हीं प्रत्याशियों को दिया जाएगा जिनमें जीतने की क्षमता हो — चाहे वे किसी बड़े नेता के करीबी ही क्यों न हों।
रावत ने कहा कि पार्टी में सिफारिशें और रिश्तेदारियों के आधार पर टिकट तय नहीं होंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल एक बयान में चुटकी लेते हुए कहा कि “टिकट तो राहुल गांधी का भी फाइनल नहीं है”, इसका मतलब यह है कि पार्टी के शीर्ष नेताओं के समर्थन से भी टिकट तय नहीं होगा; जीतने की योग्यता सर्वोपरि रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जहाँ तक मेरा सवाल है, मैं स्वयं भी पार्टी की आवश्यकता पड़ने पर किसी भी सीट से चुनाव लड़ने को तैयार हूँ। टिकट चाहने वालों में चाहे हरक सिंह, गणेश गोदियाल या प्रीति सिंह के करीबी हों, लेकिन प्रत्यक्ष चुनावी क्षेत्र में जीतने की क्षमता रखने वाले ही टिकट पाएँगे — यही कांग्रेस की रणनीति होगी।
यह बयान कांग्रेस के टिकटवार्डी प्रक्रिया को पारदर्शी और मुकाबले-उन्मुख बनाने की जद्दोजहद के बीच आया है, जहाँ पार्टी कार्यकर्ता और नेता दोनों ही जीत की संभावनाओं पर जोर दे रहे हैं।




