देहरादून (उत्तराखंड)। प्रसिद्ध अंकिता भंडारी हत्याकांड के संदर्भ में न्याय की मांग को लेकर रविवार को राजधानी देहरादून के परेड मैदान में भव्य महापंचायत का आयोजन हुआ, जिसमें जनमानस, सामाजिक संगठनों और कई राजनीतिक दलों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
इस महापंचायत का आयोजन “न्याय यात्रा” के तहत किया गया, जिसमें संयुक्त संघर्ष मंच और करीब 40 से अधिक संगठनों ने समर्थन दिया। सरकार द्वारा आरोपियों को सजा मिलने के बावजूद न्याय प्रक्रिया को पूर्ण रूप से पारदर्शी न मानने को लेकर जनआक्रोश व्यापक रूप से दिखाई दिया।
अंकिता भंडारी के माता-पिता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से मामले में कथित वी.आई.पी. के नाम को उजागर करने और उस पर कार्रवाई करने की मांग तेज कर दी। उन्होंने सीबीआई की जांच के तहत पीड़ित परिवार के शिकायती पत्र को मान्यता देने तथा दोषी पाए जाने तक संघर्ष जारी रखने के प्रस्ताव को पारित किया।
महापंचायत में भारी पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए। विरोध-प्रदर्शन के समर्थकों का कहना था कि जांच और न्याय के लिए संगठित दबाव जरूरी है, जब तक कि सभी पहलुओं पर सही कार्रवाई नहीं होती, संघर्ष जारी रहेगा।
यह आंदोलन पिछले दिनों सीबीआई जांच की मांग और समाज में बढ़ते आक्रोश का परिणाम है, जिसमें न्याय का भेद खुलकर सामने आने और आरोपियों के खिलाफ पूरी पारदर्शिता की उम्मीद जताई जा रही है।




