उत्तराखंड के जिलाधिकारी (डीएम) सविन बंसल ने स्कूलों, अभिभावकों और बच्चों के डिजिटल व्यवहार पर विशेष निगरानी रखने को कहा है।
🟡 गाज़ियाबाद में तीन नाबालिग बहनों (12, 14, 16 वर्ष) के आत्महत्या कर लेने की खबर से प्रशासन चितित है, जहां प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार वे एक कोरियन ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेमिंग ऐप की लत की चपेट में थीं।
🟡 डीएम ने निर्देश दिए हैं कि विद्यालयों में डिजिटल उपयोग के संतुलन, गेमिंग के नकारात्मक प्रभाव और बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
🟡 अभिभावकों को भी यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि वे घर पर बच्चों के गेमिंग समय और डिजिटल गतिविधियों पर नियंत्रण रखें और उन्हें आश्वस्त करें कि वे अपने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
प्रासंगिक पृष्ठभूमि:
उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में हुई यह त्रासदी ऑनलाइन गेमिंग की लत और डिजिटल दुनिया में अत्यधिक समय बिताने की बढ़ती समस्या पर फिर से सार्वजनिक बहस शुरू कर चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार गेमिंग की लत किशोरों की मेंटल हेल्थ पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है, जिसका समाज और प्रशासन दोनों को समाधान निकालना आवश्यक है।
देहरादून प्रशासन ने ऑनलाइन गेमिंग को लेकर एडवाइजरी जारी की है, जिसमें बच्चों के डिजिटल व्यवहार पर निगरानी, अभिभावकों को जागरूक करना और स्कूलों में डिजिटल संतुलन पर कार्यक्रम आयोजित करने जैसे दिशा-निर्देश शामिल हैं। यह कदम गाज़ियाबाद की त्रासद घटना के बाद उठाया गया है, जहां तीन नाबालिग बहनों के आत्महत्या की प्राथमिक जांच में ऑनलाइन गेमिंग लत को एक संभावित कारक माना गया है।




