देहरादून। उत्तराखंड रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (RERA) ने आवंटियों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य की 163 पूर्ण आवासीय परियोजनाओं के बिल्डरों को नोटिस जारी किए हैं। इन परियोजनाओं में अब तक पार्क, सड़क, क्लब व अन्य कॉमन एरिया का स्वामित्व RWA/आवंटियों के संघ को हस्तांतरित नहीं किया गया था।
RERA ने भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 11(4)(f) एवं 17(1) के सख्त अनुपालन के निर्देश देते हुए कहा है कि प्रोजेक्ट पूर्ण घोषित होने के बावजूद कॉमन एरिया की रजिस्ट्री न होना कानून का उल्लंघन है। इस संबंध में प्राधिकरण के पास लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिस पर स्वतः संज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किया गया है।
आदेश के अनुसार सभी 163 प्रोजेक्ट्स के प्रमोटरों को नोटिस प्राप्त होने के एक माह के भीतर विधिवत गठित RWA/Association of Allottees को पंजीकृत आमंत्रण पत्र भेजना होगा और उसकी प्रति RERA को उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद RWA को दो माह के भीतर कॉमन एरिया हस्तांतरण के लिए अपनी सहमति देनी होगी, ताकि पंजीकृत विक्रय विलेख के माध्यम से रजिस्ट्री की जा सके।
RERA ने स्पष्ट किया है कि आमंत्रण पत्र ईमेल, स्पीड पोस्ट, रजिस्टर्ड पोस्ट या कूरियर जैसे कई माध्यमों से भेजना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार कॉमन एरिया की रजिस्ट्री पर अधिकतम स्टाम्प शुल्क 10 हजार रुपये निर्धारित है, जबकि अन्य निष्पादन व्यय आवंटियों का संघ वहन करेगा।
प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि निर्देशों की अवहेलना करने वाले बिल्डरों के खिलाफ अधिनियम की धारा 63 के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी परियोजनाओं को 23 जनवरी 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेज RERA को भेजने होंगे।
RERA के अनुसार इस आदेश का उद्देश्य आवंटियों के अधिकारों की सुरक्षा, पारदर्शिता बढ़ाना और भविष्य में बिल्डर व RWA के बीच विवादों को कम करना है।




