भुवनेश्वर, 28 नवंबर 2025। ओडिशा की विधानसभा में दिए जवाब में, राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री Suryabanshi Suraj ने बताया कि पिछले दो सालों में महिला छात्रों द्वारा कुल आठ शिकायतें दर्ज कराई गई हैं — जिनमें रैगिंग, यौन उत्पीड़न और भेदभाव के आरोप शामिल हैं।
शिकायतें कुल छह कॉलेजों और एक विश्वविद्यालय से आईं हैं। इनमें से दो शिकायतें Government Autonomous College, Rourkela से थीं। अन्य संस्थानों में F M Autonomous College, Balasore, G M University, Sambalpur, Abhimanyu Samanta Singhar Degree College, Athamalik College, Angul, Anchal College, Bargarh और D A V Autonomous College, Titlagarh शामिल हैं।
सरकार ने ऐसे मामलों को रोकने तथा पीड़ित विद्यार्थियों की सहायता हेतु कई कदम उठाए हैं — जिनमें 24×7 उपलब्ध राष्ट्रीय मानसिक-स्वास्थ्य हेल्पलाइन Tele-Manas के उपयोग को बढ़ावा देना, तथा 2023 के UGC Regulations, 2023 के अंतर्गत कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिकायत निवारण तंत्र व एंटी-रैगिंग कमेटियों की स्थापना शामिल है।
विश्लेषकों का कहना है कि शिकायतों की ये संख्या भले कम दिखती हो, लेकिन रैगिंग और उत्पीड़न से बचाव व शिकायत दर्ज कराने में अभी भी भारी हिचकिचाहट देखने को मिलती है। इस रिपोर्ट के प्रकाशन से उम्मीद है कि अन्य प्रभावित छात्राएं भी आवाज उठाएंगी।
निष्कर्ष: विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में रैगिंग/हैरसमेंट की घटनाओं के खिलाफ जागरूकता बढ़ रही है, और शिकायत-निवारण के उपाय मजबूत किए जा रहे हैं — लेकिन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संस्थानों को कड़े कदम उठाने होंगें




