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साधना कुटीर का नौवां वार्षिकोत्सव धूमधाम से सम्पन्न, आध्यात्मिक समरसता का बना अद्भुत संगम

हरिद्वार। तपोभूमि हरिद्वार स्थित साधना कुटीर में नौवां वार्षिकोत्सव बड़ी श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक भव्यता के साथ मनाया गया। महामण्डलेश्वर स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसके बाद पूरा परिसर भक्ति और साधना की सुगंध से ओत-प्रोत हो उठा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महामण्डलेश्वर स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती ने और संचालन श्री महन्त देवानन्द सरस्वती महाराज ने किया। साधना कुटीर के परमाध्यक्ष स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म केवल मान्यता नहीं, बल्कि मानव जीवन का आधार है। साधना कुटीर इसी भावना के साथ समाज को शिक्षा, संस्कृति और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है।

मुख्य अतिथि श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री महन्त विद्यानन्द सरस्वती महाराज ने स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती द्वारा कर्नाटक में शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की। उन्होंने साधना कुटीर को समाज सेवा का प्रेरणादायक केंद्र बताया।

महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि स्वामी विद्यानंद सरस्वती दक्षिण और उत्तर भारत के बीच आध्यात्मिक समन्वय सेतु का कार्य कर रहे हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे प्रयास जनकल्याण की दिशा में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

कर्नाटक सरकार के कैबिनेट मंत्री मंकाल एस. वैद्य ने कहा कि स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती युवाओं में संस्कृति और राष्ट्रधर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने साधना कुटीर के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

स्थानीय विधायक मदन कौशिक ने कहा कि साधना कुटीर राष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने में उल्लेखनीय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कर्नाटक से आए मंत्रियों, सांसदों और गणमान्य लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सांस्कृतिक एकता को नई ऊर्जा देते हैं।

समारोह में जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री महन्त विद्यानन्द सरस्वती, महामंत्री श्री महन्त महेशपुरी, महामण्डलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि, महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद, श्री महन्त देवानंद सरस्वती, श्री महन्त इन्द्रानंद सरस्वती, महन्त माधवानंद सरस्वती सहित बड़ी संख्या में साधु-संत उपस्थित रहे।

विशिष्ठ अतिथियों में कर्नाटक के कैबिनेट मंत्री मंकाल एस. वैद्य, विधायक मदन कौशिक, विधायक बीमन्ना नायक, विधायक हरीश पुन्जा, जयशंकर विश्वनाथन, हरीश पुजारी, गोविंद बाबू पुजारी, उद्योगपति किरण चन्द्र पुष्पागिरी, किरण कुमार कोडीकल, राजस्थान से भगवती प्रसाद बियानी, कमल पारिक, नरेंद्र पाटीदार आदि शामिल रहे।

आध्यात्मिक व सांस्कृतिक समन्वय का यह उत्सव साधना कुटीर की निरंतर बढ़ती प्रतिष्ठा और समाज सेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण बना।

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