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लगातार लैपटॉप चार्ज पर लगाकर रखने को एक्सपर्ट्स ने बताया “आंशिक रूप से सुरक्षित, पर सावधानियाँ ज़रूरी”

इस समय कई लोग अपने लैपटॉप को दिन भर चार्जर में लगा रखते हैं — लेकिन क्या यह आदत बैटरी के लिए हानिकारक है? तकनीकी विशेषज्ञों और बैटरी एक्सपर्ट्स की बातों के मुताबिक, इसका जवाब “हाँ भी और नहीं भी” है।

अधिकांश आधुनिक लैपटॉप में ऐसे सर्किट होते हैं जो बैटरी 100% चार्ज होने के बाद आगे चार्जिंग बंद कर देते हैं, ताकि ओवरचेजिंग न हो।

इस स्थिति में, लैपटॉप चार्जर से बिजली लेता है और बैटरी को “स्टेंडबाय” मोड में रखता है — सक्रिय चार्जिंग की बजाय बैकअप की तरह रहने देता है।

किन वजहों से लगातार चार्ज पर रखना बैटरी को थोडा नुकसान पहुंचा सकता है:

1. तापमान (Heat)

लैपटॉप अगर नरम सतह पर रखा है (जैसे बेड, कंबल), तो उसमें गर्मी अधिक बन सकती है। यह बैटरी उम्र को तेज़ी से बढ़ा सकती है।

भारी काम (गेमिंग, वीडियो एडिटिंग) के दौरान सिस्टम और बैटरी दोनों गर्म हो सकते हैं, जिससे चार्ज-स्टेट पर अधिक तनाव पड़ता है।

2. मैक्रो-चार्ज साइकल्स / माइक्रो-रिचार्ज (Trickle Charge)

“ट्रिकल चार्ज” का मतलब है कि बैटरी हर बार 99%-100% पहुंचने पर थोड़ा बहुत दोबारा चार्ज हो जाती है, जिससे वो बार-बार माइक्रो-स्ट्रेस फेज में जाती है।

यह लगातार चार्ज-डिक्र्ड चक्र (micro cycles) बैटरी की लाइफ पर असर कर सकता है।

3. चार्ज स्तर का अधिक समय 100% पर होना

लंबे समय तक बैटरी को 100% फ्लोर पर रखने से यह “उच्च वोल्टेज मॉड” में ज्यादा समय बिताती है, जो सेल्स को तनाव दे सकता है।

कुछ एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि बैटरी को 40–80% के बीच बनाए रखने से इसकी लाइफ बेहतर हो सकती है।

✅ एक्सपर्ट्स की सलाह — बैटरी लम्बे समय तक टिके, तो ये उपाय अपनाएँ:

लैपटॉप को सख्त, समतल जगह पर रखें ताकि वेंटिलेशन बेहतर हो।

अगर आपके लैपटॉप में बैटरी केयर या कंजरवेशन मोड है, तो उसे सक्रिय करें — कई ब्रांड 70-80% तक चार्जिंग सीमा सेट करने की सुविधा देते हैं।

समय-समय पर चार्जर निकालें और बैटरी को थोड़ा डिस्चार्ज करने दें ताकि उसका “चक्र-प्रयोग” भी हो सके।

लैपटॉप के वेंट्स और बैक कवर को साफ रखें ताकि गर्मी जल्दी बाहर निकल सके।

अगर लैपटॉप लंबी अवधि के लिए बंद किया जा रहा है, तो उसे 100% चार्ज पर न छोड़ें — मध्यम चार्ज स्तर (जैसे ~50-60%) बेहतर है।

आधुनिक लैपटॉप बैटरियों को लगातार चार्ज पर रखने की सुविधा तो मिल गई है, लेकिन यह आदत पूरी तरह “निरापद” नहीं है।

बैटरियों पर तापमान और लम्बे समय तक 100% चार्ज होने का असर पड़ता है, जिससे उनका स्वास्थ्य धीरे-धीरे कम हो सकता है।

लेकिन थोड़ी सावधानी और बैटरी-केयर सेटिंग्स अपनाने से चार्ज-पर-रखने की आदत का नकारात्मक असर काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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