देहरादून, 16 नवंबर। उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय की रजत जयंती के उपलक्ष्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बार एसोसिएशन और जागृति संस्था के संयुक्त तत्वाधान में नवनिर्मित कोर्ट प्रांगण में बहुचर्चित मल्टीमीडिया, मल्टीस्टेज हाई-टेक साउंड एवं लाइट शो “सोने की चिड़िया” का शानदार आयोजन किया गया।
सायं 5:30 बजे शुरू हुए कार्यक्रम का शुभारंभ प्रथम अपर जिला जज महेश चंद्र कोशियाबा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर अपर जिला जज मदन राम, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीमा डुंगरकोटी तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रिंकी साहनी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का निर्देशन जागृति संस्था के निदेशक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अवि नंदा ने किया। हाई-टेक प्रस्तुति में रामायण, महाभारत, भारतीय इतिहास, सामाजिक कुरीतियों और कानूनी जागरूकता के विषयों को संगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुति के प्रभावशाली मिश्रण के साथ प्रस्तुत किया गया। दो महीने से अधिक चली रिहर्सल के बाद करीब 90 प्रतिशत अधिवक्ताओं ने अपने-अपने किरदारों को मंच पर जीवंत किया, जिसकी माननीय न्यायाधीशों ने मुक्त कंठ से सराहना की।
अद्वितीय साउंड, लाइट और मल्टीमीडिया तकनीक से सजे इस कार्यक्रम को देखने के लिए भारी संख्या में अधिवक्ता, न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा शहरवासी उपस्थित रहे। दर्शकों ने इसे न्यायिक समुदाय की एकता और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देने वाला ऐतिहासिक आयोजन बताया।
कार्यक्रम ने उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय की रजत जयंती को एक अविस्मरणीय सांस्कृतिक रंग में ढालते हुए न्याय व्यवस्था से जुड़े सभी वर्गों को एक मंच पर जोड़ने का संदेश दिया।




