उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर विधानसभा घेराव का प्रयास किया। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता दिवाकर भट्ट के नेतृत्व में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता गैरसैंण पहुंचे, जहां पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया।
श्री भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन का मुख्य उद्देश्य पलायन रोकना और गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाना था। इसके लिए अनेक आंदोलनकारियों ने शहादत दी, लेकिन सरकारें—चाहे भाजपा हों या कांग्रेस—ने हमेशा छल किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय पार्टी ही जनता की भावनाओं के अनुरूप कार्य कर सकती है।
पूर्व मंत्री ने चेतावनी दी कि अब उक्रांद राज्य बचाने के लिए सड़कों पर व्यापक आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा, “हमने राज्य बनाने के लिए बलिदान दिया था, अब यदि राज्य बचाने के लिए फिर बलिदान देना पड़े तो पीछे नहीं हटेंगे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की जनता के साथ अन्याय हुआ है और अब पूरे प्रदेश में जनजागरण कर गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की आवाज बुलंद की जाएगी।