हरिद्वार। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शताब्दी वर्ष कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत श्रीजी वाटिका, प्राचीन अवधूत मंडल में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में क्षेत्र कार्यवाह प्रमोद कुमार ने संघ की 100 वर्षों की यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि संघ की स्थापना 27 सितंबर 1925 को डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा नागपुर में की गई थी। तब से अब तक संघ ने स्वतंत्रता आंदोलन, सामाजिक समरसता और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, वहीं अपने कार्यकाल में चार बार प्रतिबंधों का भी सामना किया।
प्रमोद कुमार ने संघ की यात्रा को विभिन्न चरणों में विभाजित करते हुए कहा कि प्रारंभिक दौर में राष्ट्रीय चेतना जागृत करने, विभाजन के समय शरणार्थियों की सहायता, युद्धकाल में सहयोग तथा बाद में सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संघ पंच परिवर्तन के संकल्प—सामाजिक समरसता, स्वबोध, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य—के माध्यम से सशक्त राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण और समाज से राष्ट्र निर्माण की दिशा में संघ निरंतर कार्यरत है।
गोष्ठी की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश लोकपाल सिंह ने की। मंच पर जिला संचालक डॉ. यतींद्र नाग्यान व नगर संचालक एडवोकेट ज्ञानेश ठकराल उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
इस अवसर पर पश्चिम उत्तर प्रदेश प्रचार प्रमुख पद्म जी, प्रांत संपर्क प्रमुख सीए अनिल वर्मा, सह प्रांत प्रमुख डॉ. अभय, विभाग प्रचारक राकेश जी, विभाग प्रचार प्रमुख अनिल गुप्ता, सह विभाग संपर्क प्रमुख संजय पंवार, जिला व्यवस्था प्रमुख मुनेश चौहान, जिला संपर्क प्रमुख अमित चौहान सहित सैकड़ों गणमान्य लोग मौजूद रहे।




