हरिद्वार, 15 मार्च। श्री राधा रसिक बिहारी भागवत परिवार रामनगर के तत्वावधान में रामनगर कॉलोनी ज्वालापुर स्थित श्री राधा रसिक बिहारी मंदिर में हिंदू नववर्ष के आगमन उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के सप्तम दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
कथा व्यास भागवत आचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि बिना गुरु के जीवन में गति और ज्ञान संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि मनुष्य के प्रथम गुरु माता-पिता होते हैं, जो बच्चों को संस्कार प्रदान करते हैं। इसके बाद शिक्षा गुरु और फिर दीक्षा गुरु का स्थान आता है, जिनसे मंत्र प्राप्त कर साधक आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होता है।
उन्होंने कहा कि सद्गुरु ही मनुष्य को असत्य से सत्य, अंधकार से प्रकाश और मृत्यु से अमृत की ओर ले जाता है। गुरु द्वारा दिए गए ज्ञान से अज्ञान रूपी अंधकार दूर हो जाता है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में गुरु का आश्रय लेना चाहिए।
कथा के दौरान द्वारिकाधीश भगवान श्रीकृष्ण के 16,108 विवाह, सुदामा चरित्र तथा भगवान दत्तात्रेय के 24 गुरुओं का प्रसंग भी विस्तार से सुनाया गया। अंत में सभी भक्तों ने सुखदेव जी का पूजन कर कथा का श्रवण किया।
इस अवसर पर सोनिया गुप्ता, किशोर गुप्ता, इशिका गुप्ता, शशि बाला, शिमला उपाध्याय, रश्मि गोस्वामी, माधुरी मंडल, तन्मय मंडल, अनीता मिश्रा, संदीप शर्मा (कक्कू), संगीता मेहंदीदत्ता, राजेश कुमार मेहंदीदत्ता, आकाश मेहंदीदत्ता, आकांक्षा मेहंदीदत्ता, आर्यन बिश्नोई, मोनिका बिश्नोई, कनक सिंह, सतपाल सिंह, कल्पना सिंह, अंकित सिंह, सुमन सिंह, दीप्ति भारद्वाज, मनोज भारद्वाज, अखिलेश भारद्वाज, रेनू शर्मा, आशीष शर्मा, मनीष शर्मा, सुमन चोपड़ा, शिक्षा राणा, संगीता राणा, प्रियंका राणा, मधु ऐलावादी, विनोद ऐलावादी, पूर्व पार्षद रेनू अरोड़ा, भागवत परिवार के सचिव चिराग अरोड़ा, मुख्य यजमान सोमी देवी राजपूत सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।




