देहरादून/गैरसैंण, 14 मार्च। उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के भराड़ीसैंण (गैरसैंण) स्थित विधानसभा भवन को वेडिंग डेस्टिनेशन और कॉरपोरेट इवेंट्स के लिए इस्तेमाल करने संबंधी बयान पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष ने इसे लोकतंत्र और संविधान का अपमान बताते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।
मंत्री सतपाल महाराज ने सुझाव दिया था कि जब विधानसभा सत्र न चल रहा हो, तब भवन का उपयोग शादी, वेडिंग या कॉरपोरेट कार्यक्रमों के लिए किया जा सकता है, जिससे राज्य की आय बढ़ेगी। उन्होंने इसे “सफेद हाथी” बताते हुए वैकल्पिक उपयोग की बात कही थी।
इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने कहा कि विधानसभा कोई मैरिज हॉल नहीं बल्कि संविधान का मंदिर है, जहां जनता के प्रतिनिधि राज्य के भविष्य से जुड़े निर्णय लेते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी राज्य आंदोलन के बलिदानों और गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग का अपमान है।
गैरसैंण क्षेत्र में स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री के बयान के विरोध में प्रदर्शन कर पुतला दहन किया और नारेबाजी की। उधर उत्तराखंड क्रांति दल ने भी सरकार पर गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने से बचने का आरोप लगाया है।
मामले को लेकर विधानसभा में भी विपक्ष ने हंगामा किया और सरकार से जवाब मांगा। विपक्षी नेताओं का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने इस भवन को व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ना लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी बयान पर तंज कसते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
हालांकि सरकार की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है, लेकिन मंत्री के बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है।




