धर्मनगरी हरिद्वार स्थित अवधूत मंडल आश्रम के श्री जी वाटिका परिसर में गुरुवार को फूलों की होली का भव्य आयोजन किया गया। श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस उत्सव में रंगों के स्थान पर सुगंधित पुष्पों की वर्षा कर पर्यावरण-अनुकूल होली का संदेश दिया गया। पूरा परिसर मानो फूलों की घाटी में परिवर्तित हो गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भजन-कीर्तन से हुआ। स्थानीय कलाकारों ने भगवान कृष्ण की लीलाओं पर आधारित भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। नामी कवियों ने प्रेम, त्याग और सामाजिक सद्भाव पर आधारित होली की रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर हरिद्वार एवं आसपास क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, धार्मिक गुरु एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि होली नई शुरुआत, प्रेम और एकता का प्रतीक है। फूलों की होली के माध्यम से प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए प्रदूषण-मुक्त उत्सव मनाने की प्रेरणा दी जानी चाहिए। उन्होंने आपसी वैमनस्य भुलाकर भाईचारे को बढ़ाने का आह्वान किया।
समारोह के अंत में आश्रम की ओर से प्रसाद वितरण किया गया। महंत विश्वास आनंद, नीरज सैनी, हीरालाल केसवानी, अमित सैनी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन ने सनातन परंपराओं को जीवंत रखते हुए सामाजिक समरसता का संदेश दिया।




