एस.एम.जे.एन. (पी.जी.) कॉलेज में तीन दिनों से चल रही वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुक्रवार को उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हो गया। समापन अवसर पर प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि खेल हमें अनुशासन, जुझारूपन और ईमानदारी का पाठ पढ़ाते हैं। मैदान में हार-जीत एक सिक्के के दो पहलू हैं, लेकिन असली जीत प्रयास और खेल भावना की होती है।
प्रो. बत्रा ने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों के चेहरों पर दिखी मुस्कान और संतोष इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है। उन्होंने ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ को बढ़ावा देने के लिए महाविद्यालय में प्रत्येक माह खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने की घोषणा की।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय महेश्वरी ने कहा कि कॉलेज हर वर्ष खेलकूद में नए प्रयोग करता है। इस बार छात्र-छात्राओं की संयुक्त रिले रेस आयोजित की गई, जो लैंगिक समानता की भावना को दर्शाती है। यूको बैंक के प्रबंधक दिनेश कुमार ने विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई दी। मुख्य क्रीड़ा अधीक्षक श्री विनय थपलियाल ने आयोजन की सफलता पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पारंपरिक खेल खो-खो और कबड्डी को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
प्रतियोगिता परिणाम
अंतिम दिन विभिन्न स्पर्धाओं में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
1500 मीटर दौड़ (छात्र वर्ग): सूजल प्रथम, सारिक द्वितीय, रुद्र कन्याल तृतीय।
1500 मीटर दौड़ (छात्रा वर्ग): दीक्षा यादव प्रथम, दीक्षा शर्मा द्वितीय, ज्योति तृतीय।
200 मीटर (छात्र वर्ग): नीरज प्रथम, सूजल द्वितीय, रुद्र तिवारी तृतीय।
200 मीटर (छात्रा वर्ग): कीर्ति प्रथम, दीक्षा यादव द्वितीय, सृष्टि भारद्वाज तृतीय।
चक्का फेंक (छात्र वर्ग): प्रिंस प्रथम, मुंतजिर द्वितीय, देव मुकेश तृतीय।
त्रिकूद (छात्र वर्ग): कनिष्क प्रथम, मो. सारिक द्वितीय, मुंतजिर तृतीय।
त्रिकूद (छात्रा वर्ग): कीर्ति प्रथम, कशिश द्वितीय, दीक्षा यादव तृतीय।
रिले रेस (छात्र वर्ग): आदित्य, विष्णु, रुद्र और प्रिंस की टीम प्रथम।
रिले रेस (छात्रा वर्ग): कीर्ति, रीना, सृष्टि और कशिश की टीम प्रथम।
संयुक्त रिले रेस: कीर्ति, विनीत, मुंतजिर और सृष्टि की टीम प्रथम रही।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर बी.कॉम के नीरज को ‘छात्र चैम्पियन’ और बी.कॉम की कीर्ति को ‘छात्रा चैम्पियन’ घोषित कर ट्रॉफी प्रदान की गई।
समापन समारोह में कॉलेज परिवार, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। खेल परिसर में तीन दिनों तक उत्साह, अनुशासन और खेल भावना का अनूठा संगम देखने को मिला।




