देहरादून/ऋषिकेश, 17 फरवरी 2026. — उत्तराखंड के राजाजी टाइगर रिजर्व के गौहरीमाफी क्षेत्र में सोमवार को एक गंभीर रूप से घायल हाथी गंगा नदी के किनारे पूरे दिन दर्द से कराहता पाया गया। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि हाथी के एक पैर में गहरी चोट थी, जिससे वह पैर घसीटते हुए मुश्किल से चल पा रहा था और कई बार संतुलन खोकर गिरते-गलते बचा।
ग्रामीणों ने सुबह तड़के हाथी की स्थिति देखने के बाद वन विभाग को सूचना दी और उसका वीडियो भी बनाया, लेकिन पूरे दिन कोई प्रभावी सहायता या रेस्क्यू का प्रयास नहीं किया गया। हाथी कई बार चिंघाड़ते हुए दर्द और पीड़ा व्यक्त करता रहा, मानो किसी प्रकार की मदद के लिए गुहार लगा रहा हो, लेकिन दोनों ओर तैनात वन कर्मी उसे अपनी-अपनी सीमा में आने से रोकते रहे।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग की संवेदनहीनता पर चिंता जताई है और बताया कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद उच्च अधिकारियों तक मामला नहीं पहुंचाया गया। वन विभाग का कहना है कि इस हाथी की करीब एक सप्ताह से मॉनीटरिंग की जा रही है ताकि वह आबादी वाले इलाकों में प्रवेश न करे, और चिकित्सीय प्रयास भी किए जा रहे हैं।
घायल हाथी की इस तकलीफ भरी स्थिति ने वन्य जीव संरक्षण और प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था पर प्रश्न खड़े कर दिए हैं, जिससे स्थानीय समुदाय और वन प्रेमी भी नाराज हैं।




