बांग्लादेश में हाल ही में संपन्न 13वें संसदीय चुनाव के बाद नए निर्वाचित सांसदों की संपत्ति और कर्ज़ संबंधी आंकड़े सामने आए हैं, जिनसे राजनीतिक और आर्थिक स्तर पर नई बहस शुरू हो गई है।
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल बांग्लादेश (TIB) की एक संक्षिप्त रिपोर्ट के अनुसार, नए संसद के 297 निर्वाचित सदस्यों में से 236 सांसद (लगभग 79.46%) करोड़पति हैं — यानी उनकी व्यक्तिगत संपत्ति की कुल कीमत एक करोड़ टका से अधिक है। इनमें 13 सांसद तो अरबपति (संपत्ति ₹100 करोड़ से अधिक) भी पाए गए हैं।
रिपोर्ट में यह भी खुलासा किया गया कि सांसदों का कुल घोषित ऋण (लायबिलिटीज़) लगभग 11,356 करोड़ बांग्लादेशी टका तक पहुँच गया है, जो पिछले चार संसदीयों में सबसे अधिक है। लगभग 49.83% सांसदों ने ऋण या कर्ज़ की स्थिति दर्ज कराई है, जिसमें विशेष तौर पर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के 62.02% और जमात-ए-इस्लामी के 15.94% सांसद शामिल हैं।
TIB के संकलन के मुताबिक, 67.34% सांसदों की वार्षिक आय 10 लाख टका से अधिक है, जबकि 48 सांसदों की आय 1 करोड़ टका से ऊपर है। इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कई सांसदों ने अपने चुनावी वित्त विवरण में निर्वाचन आचार संहिता का उल्लंघन भी किया है।
बांग्लादेश में 12 फरवरी को सम्पन्न आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) गठबंधन ने करीब 212 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया, जिससे देश में राजनीतिक रूप से बड़ा बदलाव आया है।
विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे आंकड़े यह दर्शाते हैं कि राजनीति में आर्थिक संपन्नता का प्रभाव बढ़ रहा है, लेकिन दूसरी ओर सांसदों पर भारी ऋण भी भविष्य में नीतिगत निर्णयों और भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों पर सवाल खड़े कर सकता है




