उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर न्याय पाने तक की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जबकि कुछ लोग केवल राजनीतिक लाभ के लिए बेटी के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सीएम धामी ने बताया कि विशेष जांच टीम (SIT) के नेतृत्व में मामला गंभीरता से जांचा गया और उच्च न्यायालय, सुप्रीम कोर्ट सहित सभी कोर्टों के निर्देशों के अनुपालन में तीनों दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने घटना के तत्काल बाद आवश्यक कदम उठाए और दोषियों को न्याय की प्रक्रिया के तहत दंडित कराया गया है।
धामी ने कहा, “कुछ लोग अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए इस दुखद घटना का सदुपयोग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन एवं सरकार पहले से ही इस मामले में पूरी सक्रियता से कार्य कर रही है।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस प्रकरण पर सीबीआई जांच, वीआईपी एंगल तथा प्रत्यक्ष–अप्रत्यक्ष राजनीतिक आरोप–प्रत्यारोप को लेकर गत कुछ महीनों से विवाद एवं सार्वजनिक बहस जारी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका और जांच एजेंसियों पर किसी भी तरह के दबाव को वे बर्दाश्त नहीं करेंगे और प्रदेश में कानून–व्यवस्था की स्थिति को पुख्ता बनाये रखने का समर्थन जारी रखेंगे।




