यूजीसी के कथित काले कानून के विरोध में दहियाकी शिव मंदिर के महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी का आमरण अनशन शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। स्वास्थ्य कारणों से उन्हें सिविल अस्पताल रुड़की में भर्ती कराया गया है, लेकिन भर्ती के बावजूद उन्होंने अनशन समाप्त करने से इनकार कर दिया है।
महंत यति रामस्वरुपानन्द गिरी के अनुसार, जब तक यूजीसी का यह कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक वे अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा जबरन उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि उनका स्वास्थ्य सामान्य है। इसके बावजूद लगातार ग्लूकोज चढ़ाए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई और इसे लेकर आशंका भी व्यक्त की।
महंत ने आरोप लगाया कि उन्हें उनके मूल स्थान दहियाकी शिव मंदिर से दूर रखकर उनकी साधना और पूजा से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक संन्यासी को अपने धार्मिक कर्तव्यों से अलग करना अनुचित है।
इधर, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि महंत के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है और चिकित्सकीय एहतियात के तौर पर उपचार किया जा रहा है। स्थिति पर जिला प्रशासन भी नजर बनाए हुए है।




